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    विमानपत्तन/विमान पट्टिकाएँ

    विमानपत्तन/विमान पट्टिकाएँ की छवि

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    घरेलू विमान पत्तन

    घरेलू विमान पत्तन की छवि

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    अंतर्राष्ट्रीय विमान पत्तन

    अंतर्राष्ट्रीय विमान पत्तन की छवि

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    राज्य से घरेलू रूप से जुड़े शहर

     शहर की छवि

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    अंतर्राष्ट्रीय रूप से राज्य के साथ जुड़े शहर

     शहर की छवि

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    आर सी एस भाग 1 व 2 के अन्तर्गत पूर्ण विमान पत्तन
    (प्रयागराज, हिंडन, बरेली, अयोध्या, कुशीनगर)

     विमान पत्तन की छवि

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    आर सी एस भाग 1 व 2 के अन्तर्गत निर्माणाधीन परियोजनाएं

     निर्माणाधीन परियोजनाएं की छवि

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    आर सी एस भाग 3 के अन्तर्गत
    चिन्हित नवीन परियोजनाएं
    अयोध्या, कुशीनगर, सरसावा, गाज़ीपुर व मेरठ)

     चिन्हित नवीन परियोजनाएं की छवि

हवाई यात्री आवागमन – 2026

  • 239,758 आगरा हवाई अड्डे पर
  • 322,252 कानपुर हवाई अड्डे पर
  • 1,077,393 प्रयागराज हवाई अड्डे पर
  • 867,994 गोरखपुर हवाई अड्डे पर
  • 4,343,347 वाराणसी हवाई अड्डे पर
  • 6,438,506 लखनऊ हवाई अड्डे पर

विमान आवागमन – 2026

  • 1,848 आगरा हवाई अड्डे पर
  • 2,210 कानपुर हवाई अड्डे पर
  • 9,665 प्रयागराज हवाई अड्डे पर
  • 5,650 गोरखपुर हवाई अड्डे पर
  • 27,822 वाराणसी हवाई अड्डे पर
  • 49,662 लखनऊ हवाई अड्डे पर

नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा

  • नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा देश का सर्वाधिक बड़ा हवाई अड्डा है
    (पी पी पी पद्धति, एन ए आई एल तथा ज्यूरिख हवाई अड्डा 2023 तक)
  • 5000 एकड़ से अधिक में स्थित
  • यात्री हैंडलिंग क्षमता 50 मिलियन
  • 1800 करोड़ की लागत एम आर ओ व कार्गो हब अपेक्षित निर्भरता
  • भारत का प्रथम अन्तर्देशीय जलमार्ग उत्तर प्रदेश में
  • राष्ट्रीय जलमार्ग 1 प्रमुख निर्यात केन्द्रों को वाराणसी तथा प्रयागराज के द्वारा हल्दिया बन्दरगाह से जोड़ता है
  • राष्ट्रीय जलमार्ग-1 का 26% अपवाह क्षेत्र उत्तर प्रदेश में है
  • वर्ष 2023 तक राष्ट्रीय जलमार्ग -1 के द्वारा 27 मिलियन टन भार परिवाहित किया जाना अपेक्षित है |
  • राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर वाराणसी में भारत का प्रथम मल्टी मॉडल टर्मिनल
  • राष्ट्रीय जलमार्ग -1 के अन्य टर्मिनल वाराणसी एम एम टी अस्सी घाट, वाराणसी राजघाट, वाराणसी

  • उत्तर प्रदेश में कुल 425 किमी कुल नौगम्य मार्ग
  • आगामी 10 राष्ट्रीय जलमार्ग उत्तर प्रदेश को लाभान्वित करेंगे
आंतरिक जलमार्ग की छवि
  • निर्बाध संपर्क हेतु प्रवेश नियंत्रित नौगम्यता के साथ अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे
  • विद्यमान यमुना तथा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे राज्य की राजधानी को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जोड़ता है |
  • 302 किमी लंबा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवेज़ में से एक है |
  • पूर्वाञ्चल एक्सप्रेसवे तथा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पूर्वी उत्तर प्रदेश व बुन्देलखंड क्षेत्र के निर्यात केन्द्रों को आपस में जोड़ता है |
  • लखनऊ-आजमगढ़-गाज़ीपुर 6 लेन का 343 किमी लंबा निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे जो पूर्वाञ्चल एक्सप्रेसवे के नाम से जाना जाता है, बीच से विभाजित तथा प्रवेश नियंत्रित है |
  • आगामी 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे भारत के सबसे लंबे एक्सप्रेसवेज़ में से एक होगा जो मुख्य निर्यातक केन्द्रों को आपस में जोड़ता है
  • 296 किमी लंबा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन है, यह 4 लेन का प्रवेश नियंत्रित उच्च मार्ग है, चौड़ा मार्ग जो चित्रकूट-बांदा-उरई-जालौन-औरेया-इटावा को जोड़ता है |
  • गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे उत्तरी पूर्वी उत्तर प्रदेश यथा गोरखपुर क्षेत्र को पूर्वाञ्चल एक्सप्रेसवे के माध्यम से लखनऊ, आगरा तथा दिल्ली के सुगम परिवहन गलियारे से जोड़ेगा |
 अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे फ्रेमवर्क की छवि
रेल की छवि
  • सबसे बड़ा

    8949 किमी लंबा रेल ट्रैक

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    रेलवे मण्डल

  • रेलवे घनत्त्व

    राष्ट्रीय औसत का दोगुना (40 किमी)

  • सड़क 1 की छवि

    भारत का सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क

  • सड़क 2 की छवि

    3 लाख किमी – कुल सड़क लंबाई (पीडब्ल्यूडी)

  • सड़क 3 की छवि

    12,124 किमी कुल राष्ट्रीय उच्च मार्ग

  • सड़क 4 की छवि

    देश में कुल राष्ट्रीय उच्चमार्ग नेटवर्क की उपलब्धता में दूसरा स्थान

  • सड़क 5 की छवि

    राज्य राजमार्गों की लंबाई: लगभग 6,180 किमी (31 मार्च 2018 तक, MoRTH के अनुसार)

  • सड़क 6 की छवि

    कुल राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की लंबाई के मामले में भारत में दूसरा स्थान

संचालित मेट्रो सेवाएं

  • संचालित मेट्रो शहर : 5 – नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर एवं आगरा
  • निर्माणाधीन मेट्रो रेल परियोजनाएं : 1 – मेरठ
  • नोएडा में वर्तमान औसत दैनिक यात्री संख्या : लगभग 66,000
  • लखनऊ में वर्तमान औसत दैनिक यात्री संख्या : लगभग 60,000
लखनऊ मैट्रो रेल की छवि

लखनऊ मैट्रो रेल
नेटवर्क की लंबाई : 23.732 किमी
वर्तमान दैनिक औसत यात्री (फरवरी, 2020 में) : 1936
स्टेशनों की संख्या : 21

नोएडा मैट्रो रेल की छवि

नोएडा मैट्रो रेल
नेटवर्क की लंबाई : 29.7 किमी
वर्तमान दैनिक औसत यात्री (फरवरी, 2020 में) : 25907
स्टेशनों की संख्या : 21

दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरीडोर

  • डी एम आई सी के कुल भाग का 8.5% धारण क्षेत्र

    (36, 068 वर्ग किमी) 12 जनपदों में

  • रूपए 27,400 करोड़ का संभावित निवेश तथा 1.2 मिलियन रोजगार का सृजन
पश्चिमी समर्पित फ्रेट कॉरीडोर (ई डी एफ सी)डीएमआईसी के साथ

डीएम आई सी-डब्ल्यूडीएफसी के साथ साथ चल रही परियोजनाएं

  • बोराकी एकीकृत परिवहन केंद्र
  • दादरी-नोएडा- गाज़ियाबाद निवेश क्षेत्र
  • एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप –ग्रेटर नोएडा में
  • एकीकृत मल्टी मॉडल लोजिस्टिक हब – ग्रेटर नोएडा में दादरी के निकट
 अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे फ्रेमवर्क की छवि

अमृतसर कोलकाता औद्योगिक कॉरीडोर

  • ए के आई सी के कुल भाग का 57%
    धारण क्षेत्र 17 जनपदों में
  • 50,000 करोड़ से अधिक का संभावित निवेश
पूर्वी समर्पित फ्रेट कॉरीडोर (ई डी एफ सी) ए के आई सी के साथ
उत्तर प्रदेश में ईडीएफ़सी का सर्वोच्च शेयर

एकेआईसी-ईडीएफसी के साथ साथ चल रही परियोजनाएं

  • 3 एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर – 18 चिन्हित रेलवे स्टेशनों के आसपास
  • 3 औद्योगिक क्लस्टर्स का विकास
    • औरेया, कन्नौज-कानपुर क्लस्टर
    • प्रयागराज वाराणसी क्लस्टर
    • आगरा -अलीगढ़ क्लस्टर

उत्तर प्रदेश डिफेंस औद्योगिक कोरिडोर्स

  • भारत के 2 डिफेंस कॉरीडोर में से एक
  • संभावित निवेश लगभग 50,000 करोड़ रूपए तथा 2.5 लाख रोजगार का सृजन
  • 6 चिन्हित नोड : अलीगढ़, आगरा, झांसी, चित्रकूट, कानपुर तथा लखनऊ
  • 5071.19 हेक्टेयर भूमि बैंक चिन्हित, जिसमें से 3796 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत
  • आई आई टी कानपुर तथा आई आई टी बी एच यू क्रमश: 50 करोड़ व 69 करोड़ रूपयों की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स के निर्माण हेतु चिन्हित
  • भूमि आवंटन प्रणाली तथा प्रोत्साहन प्रणाली घोषित