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16
विमानपत्तन/विमान पट्टिकाएँ
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16
घरेलू विमान पत्तन
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05
अंतर्राष्ट्रीय विमान पत्तन
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51
राज्य से घरेलू रूप से जुड़े शहर
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05
अंतर्राष्ट्रीय रूप से राज्य के साथ जुड़े शहर
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05
आर सी एस भाग 1 व 2 के अन्तर्गत पूर्ण विमान पत्तन(प्रयागराज, हिंडन, बरेली, अयोध्या, कुशीनगर)
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05
आर सी एस भाग 1 व 2 के अन्तर्गत निर्माणाधीन परियोजनाएं
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05
आर सी एस भाग 3 के अन्तर्गत
चिन्हित नवीन परियोजनाएंअयोध्या, कुशीनगर, सरसावा, गाज़ीपुर व मेरठ)
हवाई यात्री आवागमन – 2026
- 239,758 आगरा हवाई अड्डे पर
- 322,252 कानपुर हवाई अड्डे पर
- 1,077,393 प्रयागराज हवाई अड्डे पर
- 867,994 गोरखपुर हवाई अड्डे पर
- 4,343,347 वाराणसी हवाई अड्डे पर
- 6,438,506 लखनऊ हवाई अड्डे पर
विमान आवागमन – 2026
- 1,848 आगरा हवाई अड्डे पर
- 2,210 कानपुर हवाई अड्डे पर
- 9,665 प्रयागराज हवाई अड्डे पर
- 5,650 गोरखपुर हवाई अड्डे पर
- 27,822 वाराणसी हवाई अड्डे पर
- 49,662 लखनऊ हवाई अड्डे पर
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
- नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा देश का सर्वाधिक बड़ा हवाई अड्डा है
(पी पी पी पद्धति, एन ए आई एल तथा ज्यूरिख हवाई अड्डा 2023 तक) - 5000 एकड़ से अधिक में स्थित
- यात्री हैंडलिंग क्षमता 50 मिलियन
- 1800 करोड़ की लागत एम आर ओ व कार्गो हब अपेक्षित निर्भरता
- भारत का प्रथम अन्तर्देशीय जलमार्ग उत्तर प्रदेश में
- राष्ट्रीय जलमार्ग 1 प्रमुख निर्यात केन्द्रों को वाराणसी तथा प्रयागराज के द्वारा हल्दिया बन्दरगाह से जोड़ता है
- राष्ट्रीय जलमार्ग-1 का 26% अपवाह क्षेत्र उत्तर प्रदेश में है
- वर्ष 2023 तक राष्ट्रीय जलमार्ग -1 के द्वारा 27 मिलियन टन भार परिवाहित किया जाना अपेक्षित है |
- राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर वाराणसी में भारत का प्रथम मल्टी मॉडल टर्मिनल
- राष्ट्रीय जलमार्ग -1 के अन्य टर्मिनल वाराणसी एम एम टी अस्सी घाट, वाराणसी राजघाट, वाराणसी
- उत्तर प्रदेश में कुल 425 किमी कुल नौगम्य मार्ग
- आगामी 10 राष्ट्रीय जलमार्ग उत्तर प्रदेश को लाभान्वित करेंगे

- निर्बाध संपर्क हेतु प्रवेश नियंत्रित नौगम्यता के साथ अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे
- विद्यमान यमुना तथा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे राज्य की राजधानी को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जोड़ता है |
- 302 किमी लंबा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवेज़ में से एक है |
- पूर्वाञ्चल एक्सप्रेसवे तथा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पूर्वी उत्तर प्रदेश व बुन्देलखंड क्षेत्र के निर्यात केन्द्रों को आपस में जोड़ता है |
- लखनऊ-आजमगढ़-गाज़ीपुर 6 लेन का 343 किमी लंबा निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे जो पूर्वाञ्चल एक्सप्रेसवे के नाम से जाना जाता है, बीच से विभाजित तथा प्रवेश नियंत्रित है |
- आगामी 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे भारत के सबसे लंबे एक्सप्रेसवेज़ में से एक होगा जो मुख्य निर्यातक केन्द्रों को आपस में जोड़ता है
- 296 किमी लंबा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन है, यह 4 लेन का प्रवेश नियंत्रित उच्च मार्ग है, चौड़ा मार्ग जो चित्रकूट-बांदा-उरई-जालौन-औरेया-इटावा को जोड़ता है |
- गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे उत्तरी पूर्वी उत्तर प्रदेश यथा गोरखपुर क्षेत्र को पूर्वाञ्चल एक्सप्रेसवे के माध्यम से लखनऊ, आगरा तथा दिल्ली के सुगम परिवहन गलियारे से जोड़ेगा |


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सबसे बड़ा
8949 किमी लंबा रेल ट्रैक
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5
रेलवे मण्डल
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रेलवे घनत्त्व
राष्ट्रीय औसत का दोगुना (40 किमी)

भारत का सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क

3 लाख किमी – कुल सड़क लंबाई (पीडब्ल्यूडी)

12,124 किमी कुल राष्ट्रीय उच्च मार्ग

देश में कुल राष्ट्रीय उच्चमार्ग नेटवर्क की उपलब्धता में दूसरा स्थान

राज्य राजमार्गों की लंबाई: लगभग 6,180 किमी (31 मार्च 2018 तक, MoRTH के अनुसार)

कुल राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की लंबाई के मामले में भारत में दूसरा स्थान
संचालित मेट्रो सेवाएं
- संचालित मेट्रो शहर : 5 – नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर एवं आगरा
- निर्माणाधीन मेट्रो रेल परियोजनाएं : 1 – मेरठ
- नोएडा में वर्तमान औसत दैनिक यात्री संख्या : लगभग 66,000
- लखनऊ में वर्तमान औसत दैनिक यात्री संख्या : लगभग 60,000

लखनऊ मैट्रो रेल
नेटवर्क की लंबाई : 23.732 किमी
वर्तमान दैनिक औसत यात्री (फरवरी, 2020 में) : 1936
स्टेशनों की संख्या : 21

नोएडा मैट्रो रेल
नेटवर्क की लंबाई : 29.7 किमी
वर्तमान दैनिक औसत यात्री (फरवरी, 2020 में) : 25907
स्टेशनों की संख्या : 21
दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरीडोर
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डी एम आई सी के कुल भाग का 8.5% धारण क्षेत्र
(36, 068 वर्ग किमी) 12 जनपदों में
- रूपए 27,400 करोड़ का संभावित निवेश तथा 1.2 मिलियन रोजगार का सृजन
पश्चिमी समर्पित फ्रेट कॉरीडोर (ई डी एफ सी)डीएमआईसी के साथ
डीएम आई सी-डब्ल्यूडीएफसी के साथ साथ चल रही परियोजनाएं
- बोराकी एकीकृत परिवहन केंद्र
- दादरी-नोएडा- गाज़ियाबाद निवेश क्षेत्र
- एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप –ग्रेटर नोएडा में
- एकीकृत मल्टी मॉडल लोजिस्टिक हब – ग्रेटर नोएडा में दादरी के निकट

अमृतसर कोलकाता औद्योगिक कॉरीडोर
- ए के आई सी के कुल भाग का 57%
धारण क्षेत्र 17 जनपदों में - 50,000 करोड़ से अधिक का संभावित निवेश
पूर्वी समर्पित फ्रेट कॉरीडोर (ई डी एफ सी) ए के आई सी के साथ
उत्तर प्रदेश में ईडीएफ़सी का सर्वोच्च शेयर
एकेआईसी-ईडीएफसी के साथ साथ चल रही परियोजनाएं
- 3 एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर – 18 चिन्हित रेलवे स्टेशनों के आसपास
- 3 औद्योगिक क्लस्टर्स का विकास
- औरेया, कन्नौज-कानपुर क्लस्टर
- प्रयागराज वाराणसी क्लस्टर
- आगरा -अलीगढ़ क्लस्टर
उत्तर प्रदेश डिफेंस औद्योगिक कोरिडोर्स
- भारत के 2 डिफेंस कॉरीडोर में से एक
- संभावित निवेश लगभग 50,000 करोड़ रूपए तथा 2.5 लाख रोजगार का सृजन
- 6 चिन्हित नोड : अलीगढ़, आगरा, झांसी, चित्रकूट, कानपुर तथा लखनऊ
- 5071.19 हेक्टेयर भूमि बैंक चिन्हित, जिसमें से 3796 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत
- आई आई टी कानपुर तथा आई आई टी बी एच यू क्रमश: 50 करोड़ व 69 करोड़ रूपयों की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स के निर्माण हेतु चिन्हित
- भूमि आवंटन प्रणाली तथा प्रोत्साहन प्रणाली घोषित
























