उत्तर प्रदेश खेल नीति, 2023 का उद्देश्य वित्तीय सहायता, विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा जमीनी स्तर से लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन तक प्रतिभाओं के समग्र विकास के माध्यम से उत्तर प्रदेश को खेल उत्कृष्टता के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना है।
क. खिलाड़ियों एवं एथलीटों हेतु प्रोत्साहन
- ग्रासरूट एथलीटों हेतु वार्षिक वित्तीय सहायता — जूनियर स्तर पर ₹75,000 तथा सब-जूनियर स्तर पर ₹50,000
- विकासात्मक एथलीटों हेतु शारीरिक स्वास्थ्य एवं पोषण हेतु ₹2,00,000 वार्षिक वित्तीय सहायता
- एलीट एथलीटों हेतु शारीरिक स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए ₹3,00,000 वार्षिक वित्तीय सहायता
- एथलीटों, प्रशिक्षकों एवं खेल विज्ञान स्टाफ हेतु प्रति व्यक्ति ₹5,00,000 तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा, साथ ही व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवरेज
- वरिष्ठ राष्ट्रीय स्तर अथवा उससे ऊपर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों हेतु राज्य पेंशन योजना, सहभागिता के स्तर के आधार पर मासिक पेंशन
- विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु नकद पुरस्कार
- उत्कृष्ट खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय सम्मान – रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार एवं लक्ष्मण पुरस्कार
ख. खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर हेतु प्रोत्साहन
- ₹100 करोड़ की प्रारंभिक निधि के साथ उत्तर प्रदेश खेल विकास कोष की स्थापना, खेल उपकरण सहायता, विदेशी प्रशिक्षण शिविरों तथा विशेषज्ञ स्टाफ (फिजियोलॉजिस्ट, मनोवैज्ञानिक, विदेशी प्रशिक्षक आदि) हेतु
- विद्यालयों को स्पोर्ट्स किट, उपकरण, पोषण सहायता एवं खेल प्रशिक्षकों के वेतन हेतु वित्तीय सहायता
- मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स फेडरेशन द्वारा संचालित सर्टिफिकेशन प्रोग्राम (जैसे ITF लेवल 3 ऑफिशिएटिंग) अथवा खेल शिक्षा कार्यक्रमों (स्पोर्ट्स मैनेजमेंट/एनालिटिक्स/स्पोर्ट्स मेडिसिन) में अध्ययनरत व्यक्तियों हेतु वित्तीय सहायता
- प्राथमिकता प्राप्त खेलों के लिए उत्कृष्टता केंद्रों (CoEs) की स्थापना, जिससे उच्च गुणवत्ता वाली आवासीय प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें
- उत्तर प्रदेश में 5 वर्षों की चरणबद्ध अवधि में पाँच (5) उच्च प्रदर्शन केंद्र (HPCs) स्थापित किए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक केंद्र कम से कम एक उच्च प्राथमिकता प्राप्त खेल विधा को समर्पित होगा
पात्रता
- जनपद, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष रैंकिंग प्राप्त एथलीट खिलाड़ी सहायता हेतु पात्र होंगे
- निर्धारित मानकों को पूर्ण करने वाले संस्थान (खेल महाविद्यालय, छात्रावास, मान्यता प्राप्त अकादमियां) इन्फ्रास्ट्रक्चर सहायता हेतु पात्र होंगे
- प्राथमिकता प्राप्त खेलों हेतु मूलभूत सुविधाओं से युक्त खेल नर्सरी आवेदन कर सकेंगी
- मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा
























