उत्तर प्रदेश रक्षा एवं एयरोस्पेस नीति, 2024 उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) में रक्षा एवं एयरोस्पेस विनिर्माण हेतु एक सुदृढ़ पारितंत्र का निर्माण करती है, जिससे घरेलू एवं वैश्विक निवेश आकर्षित हो रहे हैं।
प्रमुख विशेषताएं
- डी.आई.सी. भूमि 10 वर्षों हेतु 1% वार्षिक लीज रेंटल तथा 10 वर्ष से अधिक अवधि हेतु 1.5% वार्षिक लीज रेंटल पर उपलब्ध
- भूमि सब्सिडी @25% (डी.आई.सी.)
- पूंजीगत सब्सिडी @25-35%, अधिकतम ₹500-1,000 करोड़ तक, 5-15 वर्षों की अवधि में
- संयंत्र एवं मशीनरी के आयात हेतु अधिकतम ₹5 करोड़ तक लॉजिस्टिक्स सब्सिडी तथा निर्यात हेतु अधिकतम ₹25 करोड़ तक (5 वर्षों में)
- ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर पूंजीगत सब्सिडी अधिकतम ₹1 करोड़ तक (ई.टी.पी./एस.एल.डब्लू.एम. आदि हेतु)
- घरेलू/अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में 5 वर्षों तक सहभागिता हेतु ₹5-15 लाख तक विपणन सहायता
- पेटेंट फाइलिंग एवं गुणवत्ता प्रमाणन व्यय की प्रतिपूर्ति
- कौशल विकास सब्सिडी प्रति वर्ष अधिकतम ₹2 लाख तक (अधिकतम 10,000 व्यक्तियों हेतु)
- कौशल विकास केंद्र / उत्कृष्टता केंद्र / अनुसंधान एवं विकास केंद्र हेतु अधिकतम ₹10 करोड़ तक अनुदान
पात्रता
| श्रेणी | निवेश मानदंड |
|---|---|
| मेगा एंकर | ₹1,000 करोड़ से अधिक का निवेश |
| एंकर | ₹200 करोड़ से ₹1,000 करोड़ तक का निवेश (अथवा उन्नत परियोजनाओं हेतु ₹3,000 करोड़ अथवा उससे अधिक) |
| वेंडर / एसएमई | भारत सरकार के एम.एस.एम.ई. अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित परिभाषा के अनुसार |
नोडल एजेंसी: उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण, अवस्थापना व औद्योगिक विकास विभाग
























