नीति की प्रमुख विशेषताएं
- उत्तर प्रदेश आबकारी नीति 2023-24 पारदर्शिता बढ़ाने, राज्य के राजस्व में वृद्धि करने तथा मदिरा (लिकर) रिटेल ऑपरेशन को सुव्यवस्थित करने पर केंद्रित है।
- यह नीति डिजिटल गवर्नेंस, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एवं आबकारी इकोसिस्टम के आधुनिकीकरण को बढ़ावा देती है।
- टेक्नोलॉजी आधारित सिस्टम के माध्यम से मदिरा की दुकान के पारदर्शी आवंटन पर विशेष जोर।
नीति की प्रमुख विशेषताएँ एवं डाटा राजस्व लक्ष्य
- उत्तर प्रदेश आबकारी नीति 2023–24 के अंतर्गत लगभग ₹45,000 करोड़ से अधिक आबकारी राजस्व संग्रह का लक्ष्य।
ई-लॉटरी सिस्टम
- निष्पक्ष भागीदारी एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु मदिरा एवं बीयर शॉप का आवंटन पारदर्शी ई-लॉटरी मैकेनिज्म के माध्यम से।
कॉम्पोजिट शॉप मॉडल
- संचालन दक्षता एवं उपभोक्ता सुविधाओं हेतु कॉम्पोजिट मदिरा की दुकान की शुरुआत एवं विस्तार।
प्रीमियम रिटेल प्रमोशन
- निम्नलिखित की स्थापना को प्रोत्साहन:
- प्रीमियम लिकर रिटेल आउटलेट्स
- मॉडल शॉप्स
- आधुनिक रिटेल इंफ्रास्ट्रक्चर
डिजिटल गवर्नेंस
- निम्नलिखित हेतु ऑनलाइन सिस्टम प्रारम्भ किए गए:
- लाइसेंसिंग
- दुकान आवंटन
- शुल्क भुगतान
- मॉनिटरिंग एवं अनुपालन
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस
- निम्नलिखित प्रक्रियाओं का सरलीकरण:
- लाइसेंस नवीनीकरण
- रिटेल आवंटन
- संचालन संबंधी अनुमोदन
पर्यटन एवं आतिथ्य सहायता
- निम्नलिखित हेतु सरल लाइसेंसिंग प्राविधान:
- होटल्स
- रेस्टोरेंट्स
- क्लब्स
- पर्यटन प्रतिष्ठान
प्रवर्तन और विनियमन
- निम्नलिखित के विरुद्ध सख्त कार्यवाही:
- अवैध मदिरा का व्यापार
- नकली मदिरा
- अनधिकृत निर्माण एवं विक्रय
बीयर एवं लो-अल्कोहल बेवरेज प्रमोशन
- विनियमित रिटेल चैनल्स के माध्यम से बीयर एवं लो-अल्कोहल पेय पदार्थों को बढ़ावा।
आर्थिक प्रभाव
- उत्तर प्रदेश के गैर-कर राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान।
- आतिथ्य, पर्यटन, रिटेल एवं संबद्ध क्षेत्रों को बढ़ावा।
- रिटेल एवं लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में रोजगार के अवसरों में वृद्धि।
























