नीति की प्रमुख विशेषताएं
- उत्तर प्रदेश को विश्-स्तरीय उच्च शिक्षण संस्थानों के हब के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप मल्टीडिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटीज (MERU) के विकास पर केन्द्रित।
- असेवित एवं आकांक्षी जनपदों में उच्च शिक्षा क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहन-लाभ।
- ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) में वृद्धि करने एवं ब्रेन ड्रेन कम करने के विजन को समर्थन।
- उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के विजन में योगदान।
नीति के उद्देश्य
- असेवित जनपदों में उच्च गुणवत्ता वाली निजी विश्वविद्यालयों को आकर्षित करना।
- वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों को उत्तर प्रदेश में कैंपस स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित करना।
- देश की शीर्ष रैंकिंग वाले भारतीय विश्वविद्यालयों की भागीदारी को बढ़ावा देना।
- उच्च शिक्षा में पहुंच, समावेशिता, गुणवत्ता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना।
- प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करना।
प्रमुख प्रोत्साहन-लाभ
स्टाम्प ड्यूटी में छूट
- असेवित जनपदों में स्थापित नई निजी विश्वविद्यालयों को 50% तक स्टाम्प ड्यूटी में छूट।
- आकांक्षी जनपदों में स्थापित विश्वविद्यालयों को 100% स्टाम्प ड्यूटी में छूट।
- जनपद में स्थापित प्रथम मल्टीडिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटीज (MERU) पर यह सुविधा लागू होगी।
पूंजीगत सब्सिडी
- निवेश के आकार के आधार पर 15% से 17% तक पूंजीगत सब्सिडी।
- अधिकतम ₹35 करोड़ तक की सब्सिडी सीमा।
- संचालन प्राधिकार पत्र (एलओपी) निर्गत होने के उपरांत 5 वर्षों में वार्षिक किस्तों के माध्यम से सब्सिडी वितरण।
आकांक्षी जनपदों हेतु विशेष प्रोत्साहन-लाभ
- 20% पूंजीगत सब्सिडी, अधिकतम ₹50 करोड़ तक।
- समस्त निवेश श्रेणी हेतु, 100% स्टाम्प ड्यूटी में छूट।
विदेशी विश्वविद्यालयों हेतु प्रोत्साहन-लाभ
- पहले 5 विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों (FHEIs) हेतु विशेष लाभ।
- 100% स्टाम्प ड्यूटी में छूट।
- ₹100 करोड़ तक20% पूंजीगत सब्सिडी।
- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) मानकों के अनुसार वैश्विक रैंकिंग वाले विश्वविद्यालयों पर लागू।
शीर्ष रैंकिंग वाले भारतीय विश्वविद्यालयों हेतु प्रोत्साहन-लाभ
- नेशनल इन्स्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क में टॉप 50 में सम्मिलित विश्वविद्यालय विशेष प्रोत्साहन-लाभ के पात्र हैं।
- 100% स्टाम्प ड्यूटी में छूट।
- ₹100 करोड़ तक 20% पूंजीगत सब्सिडी।
पात्र निवेश घटक
- अकादमिक भवन, कक्षाएं, लाइब्रेरी, हॉस्टल एवं लैब्स।
- आंतरिक सड़कें, बाउंड्री वॉल, जलापूर्ति एवं यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर।
- सीवरेज, ड्रेनेज, पावर लाइन्स, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं एफ्लुएंट ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर।
नीति का प्रभाव
- उत्तर प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार।
- रोजगार क्षमता एवं रिसर्च इकोसिस्टम में सुधार।
- राज्य के युवाओं हेतु अधिक अवसरों का सृजन।
- इनोवेशन, रिसर्च एवं मल्टीडिसिप्लिनरी लर्निंग को बढ़ावा।























