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उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति, 2024

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नीति की प्रमुख विशेषताएं

  • उत्तर प्रदेश को विश्-स्तरीय उच्च शिक्षण संस्थानों के हब के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप मल्टीडिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटीज (MERU) के विकास पर केन्द्रित।
  • असेवित एवं आकांक्षी जनपदों में उच्च शिक्षा क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहन-लाभ।
  • ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) में वृद्धि करने एवं ब्रेन ड्रेन कम करने के विजन को समर्थन।
  • उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के विजन में योगदान।

नीति के उद्देश्य

  • असेवित जनपदों में उच्च गुणवत्ता वाली निजी विश्वविद्यालयों को आकर्षित करना।
  • वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों को उत्तर प्रदेश में कैंपस स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित करना।
  • देश की शीर्ष रैंकिंग वाले भारतीय विश्वविद्यालयों की भागीदारी को बढ़ावा देना।
  • उच्च शिक्षा में पहुंच, समावेशिता, गुणवत्ता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना।
  • प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करना।

प्रमुख प्रोत्साहन-लाभ

स्टाम्प ड्यूटी में छूट

  • असेवित जनपदों में स्थापित नई निजी विश्वविद्यालयों को 50% तक स्टाम्प ड्यूटी में छूट
  • आकांक्षी जनपदों में स्थापित विश्वविद्यालयों को 100% स्टाम्प ड्यूटी में छूट
  • जनपद में स्थापित प्रथम मल्टीडिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटीज (MERU) पर यह सुविधा लागू होगी।

पूंजीगत सब्सिडी

  • निवेश के आकार के आधार पर 15% से 17% तक पूंजीगत सब्सिडी।
  • अधिकतम ₹35 करोड़ तक की सब्सिडी सीमा।
  • संचालन प्राधिकार पत्र (एलओपी) निर्गत होने के उपरांत 5 वर्षों में वार्षिक किस्तों के माध्यम से सब्सिडी वितरण।

आकांक्षी जनपदों हेतु विशेष प्रोत्साहन-लाभ

  • 20% पूंजीगत सब्सिडी, अधिकतम ₹50 करोड़ तक
  • समस्त निवेश श्रेणी हेतु, 100% स्टाम्प ड्यूटी में छूट।

विदेशी विश्वविद्यालयों हेतु प्रोत्साहन-लाभ

  • पहले 5 विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों (FHEIs) हेतु विशेष लाभ।
  • 100% स्टाम्प ड्यूटी में छूट।
  • ₹100 करोड़ तक20% पूंजीगत सब्सिडी।
  • विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) मानकों के अनुसार वैश्विक रैंकिंग वाले विश्वविद्यालयों पर लागू।

शीर्ष रैंकिंग वाले भारतीय विश्वविद्यालयों हेतु प्रोत्साहन-लाभ

  • नेशनल इन्स्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क में टॉप 50 में सम्मिलित विश्वविद्यालय विशेष प्रोत्साहन-लाभ के पात्र हैं।
  • 100% स्टाम्प ड्यूटी में छूट।
  • ₹100 करोड़ तक 20% पूंजीगत सब्सिडी।

पात्र निवेश घटक

  • अकादमिक भवन, कक्षाएं, लाइब्रेरी, हॉस्टल एवं लैब्स।
  • आंतरिक सड़कें, बाउंड्री वॉल, जलापूर्ति एवं यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर।
  • सीवरेज, ड्रेनेज, पावर लाइन्स, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं एफ्लुएंट ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर।

नीति का प्रभाव

  • उत्तर प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार।
  • रोजगार क्षमता एवं रिसर्च इकोसिस्टम में सुधार।
  • राज्य के युवाओं हेतु अधिक अवसरों का सृजन।
  • इनोवेशन, रिसर्च एवं मल्टीडिसिप्लिनरी लर्निंग को बढ़ावा।